परहेज नही


होंठो को किसी लफ्ज से परहेज नही
धरती को किसी छाँव से परहेज नही
कुछ भी कहो, न फर्क ‘उसे’ जान पड़े
कोई भी फलसफा हो, परहेज नही
-अरुण   

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वाह ... क्या बात है सर ...

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