मनुष्य वैज्ञानिक भी है और अद्ध्यात्मिक भी



दृश्य या पदार्थ जगत में
तथ्यों की खोज के लिए,
दृश्य नक्शों का प्रयोग किया जाता है

परन्तु अदृश्य या परमात्म जगत की
सच्चाई देखने के लिए, अपनी अदृश्य अवस्था में,
अदृश्य माध्यमों का प्रयोग घटता है.
ऐसी दोनों ही खोजे मनुष्य के लिए संभव है.
क्योंकि मनुष्य वैज्ञानिक भी है और अद्ध्यात्मिक भी
-अरुण

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