बाकी सर्व व्यर्थ की झंझट



साँस चले, धड़कन मन-मौजी
पांच द्वार बैठे पच फौजी
उठन गिरावन पकडे दौड़े
हाँथ पाँव, यह देह सहेजे
चलती है ऊर्जा की गाड़ी
खड़ी सामने दुनिया सारी
जीवन केवल इतना ही है
बाकी सर्व व्यर्थ की झंझट
-अरुण   

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