Monday, February 16, 2015

दो रुबाई

रुबाई
******
किसी के साथ भी हो लेता है तर्क
वकालत के बड़े काम आता है तर्क
तर्क करते लोग होशियार दिखते हैं,मगर
जिंदगी को समझ पाया न तर्क
- अरुण

रुबाई
*******
प्रेम में जो बात है.........सन्मान में नही
कागजी फूल में तो ..... कोई जान नही
प्रेम प्रेमी और प्रेयस सब बराबर के सगे
किसी का मान...किसी का अवमान नही
- अरुण

No comments: