Tuesday, September 21, 2010

समय मन की उपज

सूर्य, चंद्र, पृथ्वि, तारे

ये सब चलते हैं

किसी समय के आधीन होकर नहीं

बल्कि मानव-मन ही इनकी गति के

आधार पर अपनी घडी की रचना करता है

............................................................. अरुण

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