Saturday, June 28, 2014

अहं का जादू


अहं का जादू
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जादूगर दर्शकों से रहस्य छुपाते हुए अपनी जादू द्वारा उन्हें चकित कर देता है, 'बाबा'लोग  रहस्य छुपाते हुए भोलों को वश में कर लेतें हैं। सामाजिक माहौल के वश में रहने वाले हर आदमी के भीतर भी एक रहस्य छुपा हुआ है, जो हर आदमी में अहं जगाते हुए उसे मूर्च्छित कर  देता है। मूर्च्छा में पड़ा होने के कारण आदमी इस रहस्य को उघाड़े तो कैसे उघाड़े ? जो बिरले लोग मूर्च्छा से बाहर आ सके, उनके लिए रहस्य स्वयं प्रकट हो गया। अपनी ही परछाईं से मूर्च्छित आदमी जबतक अपने भीतर से ही प्रकाशित नहीं होता, अपनी परछाईं से मुक्त नहीं हो पाता।

- अरुण

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