Wednesday, December 1, 2010

वही जीवंत है

सामने खड़े वर्तमान को देखना

हो ही नही पाता

क्योंकि वर्तमान में दिखता हुआ

बीता और भविष्य ही

सारा ध्यान आकर्षित कर लेता है

जो भूत और भविष्य में विचरते हुए भी

वर्तमान के स्पर्श को हर क्षण महसूस करता रहता है

वही जीवंत है

.................................... अरुण


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