दिख जाए बंधन को बंधन



दिख जाए बंधन को बंधन 
पूरा का पूरा,
तब मुक्ति ही है
पूरी की पूरी.
मुक्ति को न कुछ देखना है
न खोजना है कुछ
-अरुण    

Comments

Popular posts from this blog

तीन पोस्टस्

पाँच विचार

नज़र से नज़रिये से नही