समय एक अजीबसा कारागृह



समय एक अजीबसा कारागृह है
जहाँ आदमी पहुँचने से पहले ही
पहुँच जाता है
और जहाँ से निकलने के बाद भी
निकल नही पाता
-अरुण

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