Tuesday, December 30, 2014

रुबाई

रुबाई
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राह काँटों से भरी है ?....बदलने से... कुछ न होगा
पाँव ही तो नर्म हैं.. कर लो कुछ भी...कुछ न होगा
राह से तुझको शिकायत या  शिकायत दर्द से है?
दर्द को नज़दीक कर लो.. फिर चलो... फिर कुछ न होगा
- अरुण

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