रुबाई

रुबाई
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तमन्ना ही वो दुनिया है तमन्ना ही जहाँ चलती
तमन्ना अहमियत की होड में, बेसुध हुए चलती
तमन्ना ख़्वाहिशों की हर मुराद-ओ-ख़्वाबकी ताक़त
सही ताक़त वही जब जिंदगानी होश में चलती
- अरुण

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