Thursday, November 4, 2010

एक सम्यक दीपक जल उठे

क्या ही अच्छा हो कि

एक ऐसा सम्यक दीपक जल उठे

सभी के जीवन में

जो अँधेरा भी मिटाए और

उजाले की चकाचौंध भी

कष्ट से छुटकारा दे और

सुख पाए हुए को समाधान

.................................... अरुण


1 comment:

Udan Tashtari said...

सुख औ’ समृद्धि आपके अंगना झिलमिलाएँ,
दीपक अमन के चारों दिशाओं में जगमगाएँ
खुशियाँ आपके द्वार पर आकर खुशी मनाएँ..
दीपावली पर्व की आपको ढेरों मंगलकामनाएँ!

-समीर लाल 'समीर'