Tuesday, November 30, 2010

जिंदगी की लम्बाई......

जिंदगी की लम्बाई

चौड़ाई, ऊंचाई और गहराई

क्षण या साँस की

लम्बाई चौड़ाई, ऊंचाई और

गहराई से अधिक नही

यह तो आदमी की याददास्त का आंगन है

जिसमें जिंदगी

दिन, सप्ताह, वर्ष, दशक, शतक

और युगों के पैमाने में फैलती दिखती है

................................................, अरुण



2 comments:

Arun Khadilkar said...

ठीक ही है
एक मित्र

Vandana ! ! ! said...

आपके शब्दों का चयन लाजवाब है. बेहतरीन प्रस्तुति!