Thursday, November 11, 2010

आनंद जिंदगी के बहाव में

किनारे खड़ा आदमी

अगर बहती नदी के बहाव को देखकर

प्रसन्न है तो

मतलब

प्रसन्नता बहाव के कारण है

केवल जल के कारण नही

ऐसे आदमी को संग्रहित जल,

बहाव का आनंद नही दे सकता

जिंदगी का आनंद भी उसके बहाव में है

अनुभवों के संग्रह में नही

......................................... अरुण

1 comment:

Vandana ! ! ! said...

" जिंदगी का आनंद भी उसके बहाव में है अनुभवों के संग्रह में नही ....." सही कहा आपने!