Friday, July 16, 2010

कहानी की किताब में कहानी नहीं बसती

कहानी की किताब में छपे

शब्द/वाक्य पढते ही

सारी कहानी समझ आ जाती है

परन्तु किताब कों कितना ही

उलटो,पलटो, फाडो, जलाओ

उसमें से न कहानी गिरेगी और

न कहानी जलेगी

शरीर के मस्तिष्क यन्त्र में भी

कुछ ऐसा ही है

मस्तिष्क देता है

विचार, प्रतिमाएं, स्वप्न,

आशय

पर मस्तिष्क में अगर झांको

इसमें कुछ

न दिखेगा

सिवा मस्तिष्क की

बनावट के

......................................... अरुण

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