Friday, July 2, 2010

प्यास तो है पर .......

प्यास का समाधान है पानी

यह सब ने ही जान लिया है

कल्पना करें

अगर प्यास तो होती पर

पानी के बारें में कुछ भी पता न होता तो

पानी छोड़ किसी भी अन्य पदार्ध से

प्यास बुझाने की कोशिशें जारी रहती

पूजा-पाठ, मंत्र-तंत्र, जप-जाप और ऐसी ही

कई बातों को देखकर

लगता है 'प्यास' तो है

पर सही समाधान की खोज अभी भी

जारी है

.................................................... अरुण

2 comments:

Etips-Blog Team said...

चला जा रहा था राजस्थान के रेगीस्तानो मे
यही देखा हैला मैने खेत खलीहानो मे
भटक रहा था एक मुसाफीर पानी की तलाश मे
मैने पुछ ही लिया किया थोङा सा पानी है तुम्हारे पास मे
तब जाके बात समझ मे आई ये कहानी तो है सबके साथ मे


इस प्रस्तुती के लिए आभार ।


सुप्रसिद्ध साहित्यकार और ब्लागर गिरीश पंकज जी का इंटरव्यू पढने के लिए यहाँ क्लिक करेँ >>>
एक बार अवश्य पढेँ

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

सही समाधार के लिए हमारी शुभकामनाएँ।
………….
दिव्य शक्ति द्वारा उड़ने की कला।
किसने कहा पढ़े-लिखे ज़्यादा समझदार होते हैं?