Thursday, July 1, 2010

विज्ञान और अध्यात्म का रिश्ता

दुनिया की हर चीज को माथे में धर लेत

माथे का सत् जानते सत् पे माथा टेक

जगत को वस्तु जानकर

विज्ञानं ने उसका विश्लेषण किया

और वस्तु के अन्तस्थ को

जानना चाहा

पर जब अनायास

जानने का अन्तस्थ

स्वयं को अनुभूत करने लगा

विज्ञान जानने में रम गया

............................. अरुण


2 comments:

आचार्य जी said...

सुन्दर लेखन।

संगीता पुरी said...

सच्‍चा ज्ञान प्राप्‍त करना विज्ञान और आध्‍यात्‍म दोनो का लक्ष्‍य है .. पर विज्ञान अभी आध्‍यात्‍म तक पहुंच कहां पाया है ??